जयपुर में ‘ओरिजिन’ आर्ट रेजीडेंसी शोकेस ने बिखेरा कला का रंग

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जयपुर, 30 मार्च।  लंदन के मशहूर मल्टीडिसिप्लिनरी आर्टिस्ट अदेबायो बोलाजी की विशेष आर्ट रेजीडेंसी शोकेस ‘ऑरिजिन’ ने जयपुर के कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सत्व थिएटर एंड आर्ट द्वारा पिरोवानो आर्ट मैनेजमेंट के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जयपुर में बोलाजी की कलात्मक यात्रा की एक अंतरंग अंतर्दृष्टि प्रदान की गई, जिसमें सांस्कृतिक भिन्नताओं और साझा मानवीय अनुभवों को दर्शाया गया। कलाकार एक महीने तक जयपुर में रहे और उन्होंने 25 से अधिक आर्टवर्क तैयार किया। 

कार्यक्रम में जयपुर शहर के जाने-माने लोगों ने शिरकत की, जिसने इस शाम को और भी अधिक खास बना दिया। मेहमानों ने एक बेहतरीन कलात्मक अनुभव का आनंद लिया, जिसमें बोलाजी की मनमोहक पेंटिंग्स मुख्य आकर्षण रहीं। विजुअल आकर्षण के साथ-साथ लोक संगीतकारों की दिल छू लेने वाले संगीत ने भी कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए, जिनकी धुनें सत्त्व एम्फीथिएटर में गूंज उठी, और सांस्कृतिक सामंजस्य का वातावरण बनाया। वेन्यू का आर्किटेक्चर, एम्बियंस और डिजाइन ने आर्टवर्क और दर्शकों के बीच गहरे जुड़ाव का एहसास कराया। 

सत्व थिएटर एंड आर्ट की संस्थापक और निदेशक रेणुका कुमार ने कला और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भरी शाम की शुरुआत करते हुए मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके भव्य आतिथ्य और कला के प्रति गहन जुनून ने एक ऐसा माहौल तैयार किया, जिसने मेहमानों पर गहरी छाप छोड़ी। 

‘ओरिजिन’ भिन्नता की खोज और उनका जश्न मनाने का एक कलात्मक प्रयोग है। यह विचारोत्तेजक प्रश्न उठाता है: क्या भिन्नता के कारण मानवता को अलग होना चाहिए या क्या यह सीखने, बढ़ने और मानवता में अभिव्यक्ति की अधिक स्वतंत्रता, ज्ञान और जीवंतता खोजने का अवसर प्रदान कर सकता है? क्या इन असमानताओं के बावजूद हम अधिक जुड़े हुए हैं? बोलाजी के आर्टवर्क ने इन धारणाओं को चुनौती देते हुए दर्शकों को यह देखने के लिए प्रेरित किया कि विविधता अलगाव की बजाय, एक एकता का स्रोत है।

आर्टवर्क की थीम पर प्रकाश डालते करते हुए, बोलाजी ने कहा कि, “मैं अलग तरह से पला-बढ़ा, ऐसे दायरे में जहां संस्कृति को अक्सर विभाजन का कारण माना जाता था। फिर भी, मेरे अनुभवों ने मुझे यह दिखाया कि इन भिन्नताओं के भीतर एक अंतर्निहित जुड़ाव है जो हम सभी को एकजुट करता है। अपरिचित चीजें कभी-कभी भय उत्पन्न कर सकती हैं, लेकिन मेरी निरंतर खोज ने यह स्पष्ट किया कि भिन्नता स्वयं मानवता को एक साथ जोड़ने वाली डोरी है।”

बोलाजी की कलात्मक यात्रा को प्रतिष्ठित यूरोपीय आर्ट क्यूरेटर रॉक्साना पिरोवानो ने मार्गदर्शन दिया, जिन्होंने इस अद्वितीय रेजीडेंसी अनुभव को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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