सप्त शक्ति सुरक्षा समन्वय सेमिनार‘ भविष्य के संघर्षों का सामना करने हेतु ‘व्होल ऑफ़ नेशन एप्रोच’

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जयपुर, मंगलवार 11 नवंबर 2025 : जयपुर मिलिट्री स्टेशन में 11 नवंबर 2025 को‘भविष्य के संघर्षों का सामना करने हेतु ‘व्होल ऑफ़ नेशन एप्रोच’विषय पर आयोजित सुरक्षा समन्वय सेमिनार का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह सेमिनार सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज़, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया था। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विचारों को कार्यान्वयन में परिवर्तित करना तथा सूचना अभियानों में होल-ऑफ-नेशन एप्रोच पर विचार करते हुए भारत की भावी रणनीतिक रूपरेखा तैयार करना था।

दूसरे दिन के प्रथम सत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सूचना, साइबर और प्रभाव संचालन के लिए एक सुदृढ़ ढांचे के निर्माण पर चर्चा हुई। इसमें भारत के सूचना परिदृश्य की कमजोरियों का विश्लेषण, वैश्विक प्रवृत्तियों का अध्ययन, राष्ट्रीय नैरेटिव को सुदृढ़ करने, दुष्प्रचार तथा ग्रे-ज़ोन खतरों से निपटने के उपायों पर विमर्श किया गया। सत्र में प्रतिष्ठित मीडिया विशेषज्ञों, विद्वानों, सोशल मीडिया विश्लेषकों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा साइबर युद्ध क्षेत्र के विषय-विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा के दौरान सूचना युद्ध के बदलते स्वरूप पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया, जिसमें सूचना के तीव्र सैन्यीकरण, संज्ञानात्मक क्षेत्र पर प्रभाव डालने की नवीन रणनीतियाँ, तथा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों और सर्च इंजनों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। साथ ही, भू-राजनीतिक परिस्थितियों के प्रभाव को भी गहराई से समझने का प्रयास किया गया। विचारोत्तेजक प्रश्नों और सार्थक विमर्श की इस चर्चा में पेशेवर संस्थानों के छात्रों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।
अंतिम सत्र में राज्य स्तर पर व्होल ऑफ़ नेशन एप्रोच के सिद्धांतों के क्रियान्वयन हेतु एक मॉडल ढांचा तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें सैन्य बलों, विभिन्न सरकारी विभागों और नागरिक समाज के बीच समन्वय के माध्यम से मिश्रित और पारंपरिक खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा की गई।

राजस्थान पर आधारित केस स्टडी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिसमें राज्यस्तरीय तैयारी और स्थानीय दृढ़ता को राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ करने में सहायक बताया गया। दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के एओसी-इन-सी द्वारा दिए गए विशेष संबोधन में कहा गया कि व्होल ऑफ़ नेशन एप्रोच को‘कांसेप्ट टू कल्चर’और‘कोआर्डिनेशन टू कन्विक्शन ’में बदलना आवश्यक है, जिससे देश के राष्ट्रीय हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सेमिनार का समापन इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सार्थक रूप से सुदृढ़ करने के लिए सामूहिक प्रयास और नागरिक भागीदारी अनिवार्य है। प्रत्येक नागरिक देश की सुरक्षा – आंतरिक और बाह्य दोनों – में समान रूप से योगदान देता है। सेमिनार ने यह स्पष्ट किया कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सभी हितधारकों के बीच सतत समन्वय अत्यंत आवश्यक है।


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