जयपुर, 7 मार्च 2026: अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में, तेरापंथ महिला मंडल जयपुर शहर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ‘गृह लक्ष्मी स्वाभिमान अभियान’ कार्यक्रम का सफल आयोजन मालवीय नगर स्थित अणुविभा केंद्र के महाप्रज्ञ सभागार में किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जयपुर के 40-45 प्रतिष्ठित एनजीओ (जैसे सेवा भारती, आनंद फाउंडेशन, वसुंधरा, सुरमन आदि) के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।
सशक्तिकरण और स्वाभिमान पर मंथन:
कार्यक्रम में केवल महिला अधिकारों पर ही नहीं, बल्कि उनके अस्तित्व, आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा को ‘ग्रुप डिस्कशन’ के माध्यम से प्रभावी बनाया गया, जिसमें आर्थिक, सामाजिक, और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विचार साझा किए गए। प्रत्येक समूह की चर्चा से ‘आइडिया टू इम्पैक्ट’ कार्य योजना तैयार की गई。
प्रमुख चर्चा के बिंदु:

- आर्थिक सशक्तिकरण: बैंकिंग लेनदेन, संपत्ति अधिकार और आर्थिक स्वामित्व जैसे विषयों पर जागरूकता।
- घरेलू श्रम का मूल्यांकन: एक गृहणी के श्रम का उचित आर्थिक मूल्यांकन हो, ताकि परिवार की अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका सुनिश्चित हो सके।
- स्वास्थ्य और विश्राम: महिलाओं के स्वास्थ्य, खान-पान और पर्याप्त विश्राम पर ध्यान देने का संकल्प लिया गया।
अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान:
कार्यक्रम की शुरुआत बहनों द्वारा मंगलाचरण से हुई। अध्यक्ष कौशल्या जैन ने सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि नीलू शर्मा ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर धर्म संघ में अपने स्वजनों को समर्पित कर संघ सेवा में सहयोग करने वाली ललिता बोथरा एवं संपत देवी कोठारी को ‘विशेष प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
उपस्थिति एवं आभार:
कार्यक्रम में अखिल भारतीय महिला मंडल की ट्रस्टी विमला दूगड़ और वन्दना बरड़िया विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का कुशल संयोजन चंचल दुगड़ व पूजा सिंघी ने किया। अंत में मंत्री पायल जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के पश्चात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘आइडिया टू इम्पैक्ट’ कार्य योजना की विस्तृत जानकारी साझा की गई, ताकि इन निष्कर्षों को धरातल पर उतारा जा सके।
अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल (अभातेममं) तेरापंथ जैन समाज का एक सशक्त महिला संगठन है, जिसकी भारत और नेपाल में 500 से अधिक शाखाएँ तथा 65,000 से अधिक सक्रिय महिला सदस्यों का विशाल नेटवर्क है। लगभग पाँच दशकों से अभातेममं महिला सशक्तिकरण, संस्कार निर्माण और सामाजिक जागरूकता के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्यरत है।
