जयपुर/चूरू | 08 मार्च 2026
भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान के अंतर्गत रणबांकुरा डिवीजन द्वारा आज चूरू के साई (SAI) स्टेडियम में ऐतिहासिक ‘गौरव सेनानी रैली’ एवं विशाल चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्र सेवा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों के सम्मान में आयोजित इस गौरवमयी समारोह में जिले की सभी आठ तहसीलों से 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने शिरकत की।

मुख्य अतिथि एवं गणमान्य उपस्थिति
इस भव्य आयोजन की शोभा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल मंजींदर सिंह (आर्मी कमांडर, सप्त शक्ति कमान), बरिंदर जीत कौर (रीजनल प्रेसिडेंट, सप्त शक्ति आवा) और लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क (जीओसी, चेतक कोर) सहित नागरिक प्रशासन के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा: ‘एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्प्लेक्स’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्प्लेक्स’ के निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, जहाँ पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।

शौर्य प्रदर्शन और नवाचार
स्टेडियम में सैन्य हेलीकॉप्टरों द्वारा युद्ध कौशल का प्रदर्शन और मिलिट्री पाइप बैंड की धुनों ने राष्ट्रभक्ति का संचार किया। इस रैली की एक विशेष पहल राजस्व विभाग (Revenue Department) द्वारा पहली बार स्टॉल स्थापित करना रही, जिससे पूर्व सैनिकों की भूमि संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सका। इसके अतिरिक्त:

- रिकॉर्ड ऑफिस और बैंक: पेंशन संबंधी विसंगतियों और दस्तावेजों के अद्यतन हेतु विशेष काउंटर।
- चिकित्सा शिविर: विशेषज्ञों द्वारा व्यापक स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श।
- सशक्तिकरण: दिव्यांग पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को 16 तीन पहिया स्कूटर, 113 व्हीलचेयर, 80 श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए।
आर्मी कमांडर का संदेश
आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजींदर सिंह ने वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक (Geo-political) परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि, “हमारे पूर्व सैनिक देश की द्वितीय और तृतीय रक्षा पंक्ति के रूप में राष्ट्र की सुरक्षा का आधार स्तंभ हैं।” उन्होंने सप्त शक्ति कमान की ओर से पूर्व सैनिकों के निरंतर सशक्तिकरण और सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यह आयोजन केवल एक रैली मात्र नहीं, बल्कि भारतीय सेना और उसके सेवानिवृत्त जांबाजों के बीच के अटूट विश्वास और ‘साझा राष्ट्रीय दायित्व’ का जीवंत उदाहरण रहा।