जैसलमेर (राजस्थान) | 11 फरवरी 2026
भारतीय वायु सेना (IAF) आगामी 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण एयर टू ग्राउंड रेंज में अपनी मारक क्षमता और युद्ध कौशल का भव्य प्रदर्शन करने जा रही है। ‘वायुशक्ति-26’ नामक इस युद्धाभ्यास में वायु सेना अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, सामरिक प्रभुत्व और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की आधुनिक शक्ति का प्रदर्शन करेगी।
🔹 मुख्य आकर्षण और सामरिक क्षमता

- अचूक मारक क्षमता: “अचूक, अभेद्य और सटीक” के मंत्र के साथ वायु सेना दिन, शाम और रात के दौरान जटिल मिशनों को अंजाम देगी।
- विमानों का बेड़ा: इस अभ्यास में भारत के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान जैसे राफेल, तेजस, सुखोई-30MKI, मिराज-2000 और जगुआर अपनी ताकत दिखाएंगे।
- हेलीकॉप्टर और परिवहन: चिनूक, अपाचे, प्रचंड (LCH) और C-17 ग्लोबमास्टर जैसे विमान रसद और युद्धक सहयोग की भूमिका प्रदर्शित करेंगे।
- स्वदेशी तकनीक: अभ्यास में आकाश और स्पाइडर जैसी मिसाइल प्रणालियों के साथ-साथ अत्याधुनिक काउंटर-ड्रोन (CUAS) तकनीक का भी प्रदर्शन होगा।
🔹 ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और मानवीय सहायता
यह अभ्यास न केवल युद्ध की तैयारियों को दर्शाता है, बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के माध्यम से भारत के हवाई प्रभुत्व की पुष्टि करता है। इसके अतिरिक्त, संघर्ष क्षेत्रों में बचाव कार्य (HADR) और आपदा प्रबंधन में वायु सेना की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
🔹 आत्मनिर्भरता का संदेश
वायुशक्ति-26 का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्मों की श्रेष्ठता सिद्ध करना और राष्ट्र को अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करना है। यह अभ्यास भारतीय वायु सेना की लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने और बहु-क्षेत्रीय अभियानों की अटूट क्षमता का प्रमाण होगा।